विषय- मैंने रामायण से सीखा
शीर्षक- मैने जो सीखा
राम जैसा बनना है तो बहुत तुम्हें तपना होगा,
ये राह मर्यादा की चुनना बहुत साहस धारणा होगा,
वो वनवास परीक्षा को हंसते हुए सहना होगा,
तुम चल सको तो चलना मुश्किल भरा रास्ता होगा।
सीता माता जैसा सौंदर्य त्याग प्रेम में जीना होगा,
उर्मिला देवी जैसा इंतजार अब आपको करना होगा,
वो लक्ष्मण जैसा भाव का होना,
व्यक्तित्व विकास से भीगा होगा।
मैंने सीखा रामायण में वर्णित वो मूल शिक्षा,
देखा अपने अंतर्मन में अपना दर्पण,
वनवास वो सफ़र से सीखा,
हर रंग में राम बसा ये भाव रामायण से सीखा।
समाज हित में रहकर हमको,
अब तुम्हें तपना होगा,
राम जैसा मर्यादा में रहकर,
फिर से रामायण बुनना होगा।
मिलकर अपने साथ चलकर,
फिर सीता को बचाना होगा,
हर नारी को सशक्त बनाकर,
रण जल में मन भरना होगा।
लेखिका कवयित्री/सोशल वर्कर-नीतू धाकड़ नरसिंहगढ़ मध्यप्रदेश


The Flower of Word by Vedvyas Mishra
The novel 'Nevla' (The Mongoose) by Vedvyas Mishra
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