नववर्ष का आगमन हुआ,
किसी के लिए चैत्र नवरात्रि, गुड़ी पड़वा,
तो किसी के लिए उगादी, चेटी चंद का पावन पर्व आया।
त्योहार की दस्तक से
हर घर महक उठा,
तो मौसम भी जैसे चहका उठा।
पवन संग पेड़ झूम उठे,
पत्तों की सरसराहट कोई धुन नई बजाए,
तो कोयल कुहूँ-कुहूँ कर मधुर गीत गाए।
मयूर पंख फैलाकर नृत्य दिखाएँ,
आसमाँ बादलों को बुलाकर
धरा को नहलाए।
हरियाली की चादर ओढ़े प्रकृति
सबको यह बताए—
सबकी झोलियाँ भरने आई हैं
माता रानी के कदमों की यह आहट है
जो जीवन में शांति, सुख, समृद्धि और संपन्नता की सौगात लाई है
वन्दना सूद
सर्वाधिकार अधीन है


The Flower of Word by Vedvyas Mishra
The novel 'Nevla' (The Mongoose) by Vedvyas Mishra
The Flower of Word by Vedvyas Mishra







