कुछ नहीं करते हो,
तो कहते हैं कि काम क्या करते हो,
जो पूछते हैं,
पूछकर क्या करते हो,
आदमी का आगाज है,
यही अंजाम नहीं,
थोड़ी दूरी चलता है,
रोकने का धर्म है धर्म का क्या करते हो,
उससे जो होगा,
होगा पर,
उसकी जिन्दगी में तुम होकर क्या करते हो। ।
- ललित दाधीच


The Flower of Word by Vedvyas Mishra
The novel 'Nevla' (The Mongoose) by Vedvyas Mishra
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