कविता हनुमत है सहारा
दिनांक 02/04/2026
इस कलयुग में सब कष्टों का हनुमत है सहारा।
हनुमत के चरणों में जीवन बना है प्यारा प्यारा।
राम कथा सुनने को हनुमत ने भेष धरा न्यारा।
सब संकट हर कर काम किया कितना प्यारा।
रामजी को संकटों से हनुमान जी ने ही उबारा।
बल बुद्धि विवेक से हनुमानजी ने सबको तारा।
बिगड़े काम बन जाते है जब हनुमत को पुकारा।
राम नाम लिया जब भी हनुमान ने दिया सहारा।
वरद हस्त सर पर रख दिया जब भी तुम्हे पुकारा।
माया से झोली भर देना में भी एक दास तुम्हारा।
पीड़ा मेरी हर लो आंखों से बह रही है जलधारा।
हनुमान तुम अंतर्यामी हो आपका खेल निराला।
जब भी संकट आया मुझ पे हनुमान को पुकारा।
दीन दुखियों को हर दम हनुमान ने दिया सहारा।
इस कलयुग में सब कष्टों का हनुमत है सहारा।
हनुमत के चरणों में जीवन बना है प्यारा प्यारा।
सत्यवीर वैष्णव बारां राजस्थान


The Flower of Word by Vedvyas Mishra
The novel 'Nevla' (The Mongoose) by Vedvyas Mishra
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