तुम गुनगुनाओ मैं सुनने को तैयार हूँ,
इश्क़ में तुझे पाकर मरने को तैयार हूँ,
कुदरत की करिश्माएं अजब गजब है,
तेरे लिए कुदरत से लड़ने को तैयार हूँ,
हसरत है तुझे हर पल यूं ही देखने की,
तेरी इन आंखों में निहारने को तैयार हूँ,
इन सुर्ख हवाओं से दीदार तेरा हो रहा है,
हवाओं संग तुझ से लिपटने को तैयार हूँ,
अब सुप्रिया कितना इंतजार करे तुम्हारा,
मैं तो बस अब मदहोश होने को तैयार हूँ...।।
- सुप्रिया साहू


The Flower of Word by Vedvyas Mishra
The novel 'Nevla' (The Mongoose) by Vedvyas Mishra
The Flower of Word by Vedvyas Mishra







