जगमगाता दीया सबको सुहाना लगता है
तिल-तिल जलती बाती का कौन दीवाना होता है
बुझते हीं बाती छा जाता है अंँधेरा चारों ओर
बेताब हो कर फिर से उसे हीं जलाना होता है
उसका तो बस काम यही है ख़ुद जल-जल कर
शहर के कोने-कोने को जगमगाना होता है

Dastan-E-Shayara By Reena Kumari Prajapat

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The Flower of Word by Vedvyas Mishra
The novel 'Nevla' (The Mongoose) by Vedvyas Mishra
जगमगाता दीया सबको सुहाना लगता है
तिल-तिल जलती बाती का कौन दीवाना होता है
बुझते हीं बाती छा जाता है अंँधेरा चारों ओर
बेताब हो कर फिर से उसे हीं जलाना होता है
उसका तो बस काम यही है ख़ुद जल-जल कर
शहर के कोने-कोने को जगमगाना होता है
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