धैर्य और पहचान
शिवानी जैन एडवोकेट Byss
अच्छे वक्त में धैर्य, अक्सर खो ही जाता है,
इन्सान अपनी हस्ती को, खुदा सा पाता है।
दुनिया उसे बताती है, कि वही सबसे बेहतर है,
बाकी तो सब धूल हैं, बस वही एक समंदर है।
पर बुरा वक्त जब आए, तो धैर्य ही सहारा है,
वही तो डूबती हुई, नैया का एक किनारा है।
दुनिया की असली फितरत, तब साफ़ हो जाती है,
जब मदद की हर एक, उम्मीद ख़ाक हो जाती है।
स्वयं को जानना हो, तो अच्छा वक्त काफी है,
दुनिया को जानना हो, तो बुरा वक्त काफी है।


The Flower of Word by Vedvyas Mishra
The novel 'Nevla' (The Mongoose) by Vedvyas Mishra
The Flower of Word by Vedvyas Mishra







