तू अज़ल है तू इबादत,
तू नजर है तू अमानत,
मेरी हर इक साँस में तेरी धड़कन धड़क रही है,
दिल की दस्तक बढ़ रही है,
तू ग़ज़ल है तू है चाहत,
तू असर है तू बगावत,
मेरी हर इक राह में तेरी कीमत लग रही है,
शोहरते सिर चढ़ रही हैं,
तू ला-जल है तू है राहत,
तू ख़ुश-जल है तू है आदत,
मेरी हर इक बात में तेरी हकीकत भर रही है,
उल्फ़तें घर कर रहीं हैं,
आँसू गिरे हैं तेरी बाहों में,
देख ले मुझको इस फ़ना में,
आगे तुझको मैं मिलूंगा,
पीछे जितना दर्द गिरा है,
मेरा लहू बिक गया था,
तेरे दिल की इक फ़ज़ा पर,
तेरे बिना का होगा मेरा,
मोड़ पर मेरी धूल गिरी है,
फंस गई तेरी फिज़ा में,
मेरी अना ना जीती ना ये मरती है,
तेरी अना से मेरी अना को इस कारवां से ज़मानत दे दे,
किस्मत की भूल में हमारी है यादें,
वक़्त ने छीने है दो इश्क़ किनारे कैसे करूँ तुमसे वादे,
तुमको जानूँ आसमाँ तक,
प्यार होता है जमीनी हकीकत,
दिल को कैसे सम्हाले,
बदल अभी जल्दी जल्दी बदल रहा है,
कैसे अपना रिश्ता देखूँ,
जिंदगी की आखिरी सीढ़ी,
मेरे बिना मौत चढ़ रही हैं,
मन की नीयत बद-ज़ल कर रही,
बदहाली बढ़ रही है,
फितरत भी करवटें बदल रही है,
इश्क है मुसाफिर,
आ रहा है तू अपने जख्म खोल दे,
मेरे हाथ में तेरी जिंदगी की खुशी है,
तू जीने को कह रही है,
खुद के हिसाब से जिंदगी,
सबसे जरूरी जिंदगी है,
तू अज़ल है तू इबादत,
तू नजर है तू अमानत,
मेरी हर इक साँस में तेरी धड़कन धड़क रही है,
दिल की दस्तक बढ़ रही है,
मेरी मोहब्बत तुझसे थी,
यही तो एक बदोलत थी,
मोहब्बत भी तेरी मोहब्बत से करना,
जिस मोहब्बत से तू भी महब्बत कर रही थी,
इतनी जरूरत असर कर रही थी,
यही मोहब्बत निकलकर तुझसे,
मुझसे से मोहब्बत कर रही,
फिर वही हुई मोहब्बत,
मेरी मोहब्बत से मोहब्बत कर रही थी,
वही मोहब्बत मुझसे मोहब्बत करने लगी,
जिससे मैं मोहब्बत कर रहा,
दोनों मोहब्बत मिल गयी,
दोनों से मोहब्बत हो गयी,
दोनों फिर एक दूजे से,
आजाद मोहब्बत करने लगे,
अपनी दुनिया जीने लगे,
दोनों दिल शिरकत हो गए,
ऐ खुदा दोनों के मालिक,
अब तो देख इस ग़ज़ल को,
तू ही है 'ललित ' का साया,
खुद में तो दरारें बढ़ रही है,
अलग होता दिख रहा हूं,
तेरा फ़रज़ंद बन रहा हूँ,
तेरा ही हिस्सा पूरा कर रहा हूँ,
तुझसे ही उठ कर बागी बना हूँ,
तेरी इस फ़िराक़ में,
मुझको बेताबी चढ़ रहीं हैं,
कयामत मेरी होनी है,
जो हो रहा है मुझमें होने दे,
जिस दिन मैं जगा था,
उसी दिन मेरा होना मिट गया था,
कैसे तेरे नाम में 'दाधीच '
'ललित' तेरी कमी लग रही,
कैसे दुनिया महब्बत कर रही है,
सही हरकते हो रही है,
आधी दुनिया जग रहीं हैं,
आधी दुनिया सो रहीं हैं,
मालिक की दुआएं हो रही है,
बातें तन्हाई हो रही है,
मोहब्बत महके सभी की सीरत में,
फिर भी मजाके हो रहीं हैं,
कितनी मजाले हो रही है ,
महब्बत बसर कर रही,
दिल की दिलदारी अपनी दुनिया में लग रही है,
वज़ह दर वज़ह मेहनत हो रही,
तोहमत हिजरी ज़माना हो गया है,
महब्बत में ही क्या क्या हो गया,
तू अज़ल है तू इबादत,
तू नजर है तू अमानत,
मेरी हर इक साँस में तेरी धड़कन धड़क रही है,
दिल की दस्तक बढ़ रही है।।
- ललित दाधीच


The Flower of Word by Vedvyas Mishra
The novel 'Nevla' (The Mongoose) by Vedvyas Mishra
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