मुरारी देखो शोर मचा है,
कान्हा देखो जोश जगा है,
गली गली मटकी फूटेगी,
गली गली में माखन बहेगा,
सबके मन की गोपी नाचेगी,
सबके मन का ग्वाला गाएँगा,
सबके मन का चोर कहेगा,
कान्हा के मन का प्रेम लूटेंगे,
राधा के मन का मोह लूटेंगे,
राधा के जीवन का सार लूटेंगे,
कान्हा को जीवन स्वामी बना के रहेंगे,
अपने मन का शृंगार करेंगे,
कान्हा के तन का इंतजार करेंगे,
अपने तन को मिटाते रहेंगे,
कान्हा की मुरली बजा दे बंधु,
चलो जग का सत्कार करें बंधु,
सब प्राणी पर आंनद का उपकार करेंगे बंधु,
सबको मिलकर खुशियों का उपहार दें बंधु,
कान्हा भी हमको स्वीकार ले बंधु,
राधालोक में चल जल्दी अपनी जगह बना ले बंधु,
अपने कन्हैया संग आँख मिचौली खेले बंधु,
राधा को कान्हा के नाम से चिढ़ाते हैं बंधु,
कान्हा मैं तो झूम रहा हूँ,
तुम भी मेरे संग झूम ले,
कान्हा ठुमक ठुमक के आएगा,
कान्हा ठुमक ठुमक के आएगा।।
- ललित दाधीच


The Flower of Word by Vedvyas Mishra
The novel 'Nevla' (The Mongoose) by Vedvyas Mishra
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