तड़प रही थी
मैंने अपने दिल को समझाया बहुत
मैं तड़प रही थी...
उससे बात करने के लिए
उसने मुझे रुलाया बहुत
बोलकर जाओ भाड़ में परेशान मत करो सताया बहुत
फिर मैं भी अपने दिल से बोली
वो थक गया है तुमसे
उसे छोड़ जाने का रास्ता दिमाग में आया बहुत....।।
- सुप्रिया साहू


The Flower of Word by Vedvyas Mishra
The novel 'Nevla' (The Mongoose) by Vedvyas Mishra
The Flower of Word by Vedvyas Mishra







