विषय- अल्फ़ाज़
शीर्षक - सादगी
अल्फ़ाज़ ए मोहब्बत इश्क का ,
सादगी की चमक इतनी गहरी हो,
रूहनीयत का रूह में उतरना,
किरदार की चमक से महके।
सादगी का रंग हर रूपों में एक जैसा ,
ना काला ना लाल ना नारंगी,
हर रूपों में एक रंग है सादगी,
सादगी में वज़न है एहसासों।
सादगी में नूर है रूह के होने से,
ये शब्दों में सिमटा भाव सादगी है,
हर चेहरे पर खिली मंद ,
हंसी सादगी है।
सादगी की चमक इतनी गहरी,
हो की रूह में उतरे,
किरदार की चमक ऐसी हो,
की इंसान महके।
अल्फ़ाज़ गर सुकून सुबह का,
तु सादगी सी शीतल शाम हो,
हर पल तेरा ही असर,
हर अल्फ़ाज़ तुझसे सजें।
लेखिका कवियत्री नीतू नागर अम्बर नरसिंहगढ़ मध्यप्रदेश
लेखिका कवि-नीतू धाकड़ अम्बर नरसिंहगढ़ मध्यप्रदेश


The Flower of Word by Vedvyas Mishra
The novel 'Nevla' (The Mongoose) by Vedvyas Mishra
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