दिल की बातों को,तुम से कह दिया
इतनी शिकायत है
चुप रहना था, आखिर, क्यों कह दिया
इतनी शिकायत है
धड़कन सिर्फ धड़कन से गुफ्तगू करें
यही चाहती थी,पर,रहा नहीं गया
इतनी शिकायत है
बंद आंखें,सांसे गहरी, और मुस्कान
बस, यही होना था,पर, क्या कर दिया
इतनी शिकायत है
बिना कहे, समझो , मेरी मोहब्बत को
इजहार नहीं करना था,पर,कर दिया
इतनी शिकायत है।।
यह रचना, रचनाकार के
सर्वाधिकार अधीन है
सर्वाधिकार अधीन है


The Flower of Word by Vedvyas Mishra
The novel 'Nevla' (The Mongoose) by Vedvyas Mishra
The Flower of Word by Vedvyas Mishra







