आँखें एक सिकंड में हजारों मील दूर देखता है ये कुदरती ताकत है
साइंस हर एक कुदरती चीज़ से सबक लेकर ख़ोज और इजाद करता है
ख़ोज के दरमियान जब इंसानी दिमाग थकती है तो कहता है ओ माई गोड
यहां से समझा जा सकता है कि जो दिखता नहीं वह कितना ताकत वाला है
फिर भी कोई अंधा भिकारी को भिक देने से पहले मिंटो सोचता है जी जनाब
सोचता ये है कि कोई हमें देखे और दूसरे को बताए कि ये आदमी दानी है
नियत का अहम भूमिका होता दिखावे की नियत का अच्छा नतीज़ा नहीं होता है
यही वजह है कि फाका कशी के आलम में बहुत सब्र करता है वसी
लोग क्या करते हैं धन वो शोहरत पाने केलिए उधर देखने की ऐसा दिल हम नहीं रखते हैं
वसी अहमद क़ादरी । वसी अहमद अंसारी ।
मुफक्किर ए कायनात । मुफक्किर ए मखलुकात


The Flower of Word by Vedvyas Mishra
The novel 'Nevla' (The Mongoose) by Vedvyas Mishra
The Flower of Word by Vedvyas Mishra







