"सजदे में सबकुछ सौप दिया,
उसने क्यूँ अपना लिया,
क्या देगा वो इसके बदले,
क्या था जो मैंने उसको दिया,
फैसले की बात,
वो क्यूँ करेगा,
क्या वो नहीं ये सजदा साथ करेगा,
सुकून क्या है,
उसको चाहिए,
मेहनत मेरी चाहिए,
मेरी खाली,
मेरी बेचैनी का वो,
थिरकन देख रहा रहा है,
मेरा उतना उठना हो ना हो,
सजदा ही सही,
गिरा तो रहा है। ।"
- ललित दाधीच


The Flower of Word by Vedvyas Mishra
The novel 'Nevla' (The Mongoose) by Vedvyas Mishra
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