पुराने कैलेंडर की
आख़िरी तारीख़ से
जब समय चुपचाप फिसलता है,
कुछ यादें मुड़कर देखती हैं
कुछ सपने आगे बढ़ते हैं।
नया साल
कोई जादू नहीं करता,
बस हौसला देता है
फिर से उठ खड़े होने का।
बीते दिनों की थकान
जेब में रखकर,
अनकहे अफ़सोसों को
दिल से हल्का कर,
हम एक नई सुबह की ओर
कदम बढ़ाते हैं।
यह साल भी
हँसी और आँसू साथ लाएगा,
पर अब हम सीख चुके हैं
टूटकर भी मुस्कुराना।
आओ, इस नए साल में
शिकायतें कम करें,
आभार ज़्यादा रखें,
और उम्मीद को
हर दिन ज़िंदा रखें।
क्योंकि
हर नया साल
हमसे एक ही बात कहता है—
अभी बहुत कुछ
लिखा जाना बाकी है।


The Flower of Word by Vedvyas Mishra
The novel 'Nevla' (The Mongoose) by Vedvyas Mishra
The Flower of Word by Vedvyas Mishra







