पूछ कर कभी अपनी नज़रों से देख,
कभी आईने में अपनी आँखों को देख,
उठती है क्यों मेरी आँखों की तरफ,
मिलती, झुकती आँखों से इतना तो पूछ ।
कौन है तुझ में मेरा जो ताकता है मुझे,
कौन है मुझ में तेरा जो ताकता है तुझे,
इतना यकीन क्यों है हमारे दरमियाँ,
मिलती, झुकती आँखों से इतना तो पूछ ।
मुसाफिरी में इस जहाँ की यहाँ मिले है,
किनारे दरिया के कहाँ कभी मिले है,
बहते वक्त के धारे है हम कहाँ मिलेंगे,
मिलती, झुकती आँखों से इतना तो पूछ ।
है एक आरज़ू कि दुनियां में तेरा नाम हो,
हुस्न की हो बात चाहे, अकल का नाम हो,
क्यों परवाह एक दिल में एक दूजे के लिए ,
मिलती, झुकती आँखों से इतना तो पूछ


The Flower of Word by Vedvyas Mishra
The novel 'Nevla' (The Mongoose) by Vedvyas Mishra
The Flower of Word by Vedvyas Mishra







