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Dastan-E-Shayara By Reena Kumari Prajapat

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The Flower of WordThe Flower of Word by Vedvyas Mishra
The Flower of WordThe novel 'Nevla' (The Mongoose) by Vedvyas Mishra

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Dastan-E-Shayara By Reena Kumari Prajapat

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The novel 'Nevla' (The Mongoose), written by Vedvyas Mishra, presents a fierce character—Mangus Mama (Uncle Mongoose)—to highlight that the root cause of crime lies in the lack of willpower to properly uphold moral, judicial, and political systems...The novel 'Nevla' (The Mongoose) by Vedvyas Mishra

कविता की खुँटी

                    

सदियां याद करती हैं

सदियां याद करती हैं

मोहब्बत पाने के लिए ये दुनियां फरियाद करती है

अगर मिले न ये मोहब्बत तो सदियां याद करती हैं

लगाए थे जो फेरे हमने हर मंदिर और शिवाले के

वोह मंदिर याद करता है वो गलियां याद करती हैं

इस दिल में थी हसरत सिर्फ तुमको ही पाने की

वो दुआएं याद करती हैं वो हसरत याद करती हैं

कितनी घङियां बिताई थी तुम्हारे इन्तज़ार में हमने

वो साहिल याद करते हैं वो दरिया याद करती है

पसन्द था साथ जिन कलियों को बागों बहारों में

वो भंवरे याद करते हैं वो कलियां याद करती हैं

जिस कुंए से लाती थी घड़ा पानी का तुम भर कर

वो पनघट याद करता है वो बस्ती याद करती है

जिन खेतों की मेड़ों पर तुम चलती थी इठला कर

वो मंजर याद करता है, वो मस्ती याद करती हैं

जाग कर चांदनी रातों में जो सपने देखे थे हमने

हमें वो सपने याद करते हैं वो रातें याद करती हैं

क्या तेरी गजल से यादव बदल जाएगी ये हकीक़त

अगर दम शायरी में हो तो महफिल याद करती है


यह रचना, रचनाकार के
सर्वाधिकार अधीन है


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रचना के बारे में पाठकों की समीक्षाएं (2)

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सरिता पाठक said

बहुत ही लाजवाब रचना हरपंक्ति ने दिल छू लिया है उम्दा, सर जी को सादर प्रणाम 👍🙏

Lekhram Yadav replied

आपका बहुत-बहुत हार्दिक धन्यवाद सरिता जी आपको सादर नमस्कार

सुप्रिया साहू said

वाह वाह वाह....और आप ऐसे ऐसे गज़ल लिखेंगे तो पढ़ने वाले भी याद करती है, बहुत खूबसूरत रचना सर 👌👌, आपको सादर प्रणाम 🙏🙏।

Lekhram Yadav replied

आपका बहुत-बहुत हार्दिक धन्यवाद सुप्रिया जी आपको सादर नमस्कार

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