सदियां याद करती हैं
मोहब्बत पाने के लिए ये दुनियां फरियाद करती है
अगर मिले न ये मोहब्बत तो सदियां याद करती हैं
लगाए थे जो फेरे हमने हर मंदिर और शिवाले के
वोह मंदिर याद करता है वो गलियां याद करती हैं
इस दिल में थी हसरत सिर्फ तुमको ही पाने की
वो दुआएं याद करती हैं वो हसरत याद करती हैं
कितनी घङियां बिताई थी तुम्हारे इन्तज़ार में हमने
वो साहिल याद करते हैं वो दरिया याद करती है
पसन्द था साथ जिन कलियों को बागों बहारों में
वो भंवरे याद करते हैं वो कलियां याद करती हैं
जिस कुंए से लाती थी घड़ा पानी का तुम भर कर
वो पनघट याद करता है वो बस्ती याद करती है
जिन खेतों की मेड़ों पर तुम चलती थी इठला कर
वो मंजर याद करता है, वो मस्ती याद करती हैं
जाग कर चांदनी रातों में जो सपने देखे थे हमने
हमें वो सपने याद करते हैं वो रातें याद करती हैं
क्या तेरी गजल से यादव बदल जाएगी ये हकीक़त
अगर दम शायरी में हो तो महफिल याद करती है
सर्वाधिकार अधीन है


The Flower of Word by Vedvyas Mishra
The novel 'Nevla' (The Mongoose) by Vedvyas Mishra
The Flower of Word by Vedvyas Mishra







