किस्मत आदतन तनाव पर है
आज सबकुछ दाँव पर है
प्यासा हूँ और दूर तक न आब है न दरख़्त कोई,
अब जिंदगी की उम्र छाँव पर है
-सिद्धार्थ गोरखपुरी

Dastan-E-Shayara By Reena Kumari Prajapat

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किस्मत आदतन तनाव पर है
आज सबकुछ दाँव पर है
प्यासा हूँ और दूर तक न आब है न दरख़्त कोई,
अब जिंदगी की उम्र छाँव पर है
-सिद्धार्थ गोरखपुरी
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