जब तक जाम एक हाथ में आ नहीं जाता
लाख कोशिश करें दिल खोला नहीं जाता
अब तो है झूठ सुनने की ही आदत सबको
दास सबसे अब तो सच बोला नहीं जाता।

Dastan-E-Shayara By Reena Kumari Prajapat

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The Flower of Word by Vedvyas Mishra
The novel 'Nevla' (The Mongoose) by Vedvyas Mishra
जब तक जाम एक हाथ में आ नहीं जाता
लाख कोशिश करें दिल खोला नहीं जाता
अब तो है झूठ सुनने की ही आदत सबको
दास सबसे अब तो सच बोला नहीं जाता।
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