जश्ने- आज़ादी की इस तरह से आन रख लेना,
शहीदों की शहादत का सदा सम्मान रख लेना।
देश के अनुकरणीय आदर्शों पर आंच न आने पाए,
मेरे हिन्दुस्तान को मेरी पहचान रख लेना।
डाॅ फ़ौज़िया नसीम शाद

Dastan-E-Shayara By Reena Kumari Prajapat

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जश्ने- आज़ादी की इस तरह से आन रख लेना,
शहीदों की शहादत का सदा सम्मान रख लेना।
देश के अनुकरणीय आदर्शों पर आंच न आने पाए,
मेरे हिन्दुस्तान को मेरी पहचान रख लेना।
डाॅ फ़ौज़िया नसीम शाद
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