"जब आपके पास दो रास्ते बचें हो जीवन में,
या तो आप सपने के लिए खुद से लड़ो,
या चार दीवारी में बंद होकर खुद को खुद में दफन करके लड़ो,
दोनों रास्तों में लड़ना तो आपको ही है इसलिए लड़ो सपने के लिए "
"हर किसी को मुकम्मल ये जहान मिलता तो क्या बात होती,
मुस्कराकर जो हाल पढ़ लें चेहरे का, तो ये हाल पूछने की क्या जरूरत होती,
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"शिकायत नहीं खेद है,
जरूर आपके बदलाने का कोई तो भेद है"
👍
"जहां खुद का अस्तित्व भारी हो,
वहां कोई पद की जरूरत नहीं होती "
❤️
"जब आपकी image खराब होती है तब सारे फिल्टर भी काम नहीं करते"
नीतू धाकड़ सोशल वर्कर


The Flower of Word by Vedvyas Mishra
The novel 'Nevla' (The Mongoose) by Vedvyas Mishra
The Flower of Word by Vedvyas Mishra







