फिर से दो बातें
आओ मिल के कर लें, फिर से दो बातें
यूं प्यार से कट जाएंगे अपने दिन रातें
बेले ये कितने पापङ तुम को पाने को
अब जाने भी दो पिछली वो सारी बातें
अब खा कर कसम ये तेरी मैं कहता हूं
अब, रोज करूंगा मैं तेरे, दिल से बातें
तुम, रच देते हो रोज, फसाने नए-नए
कह नहीं पाते हम अपने दिल की बातें
वक्त, अपना कट जाएगा, इन राहों में
चाहे हम को भिगो दे, फिर से बरसातें
वक्त ये फिर से लौट के वापस आया है
आ मिल कर आपस में कर लें दो बातें
हार गए हैं समझा कर तुम को यादव
ना जाने कब समझोगे, दिल की बातें
सर्वाधिकार अधीन है


The Flower of Word by Vedvyas Mishra
The novel 'Nevla' (The Mongoose) by Vedvyas Mishra
The Flower of Word by Vedvyas Mishra







