पृथ्वी ही परीक्षा स्थल है इसलिए यहां खोज ही होती है बस और क्या है।
कुछ भी हो प्रश्न पत्र है तो उत्तर दो चाहे उसकी तैयारी हो सब प्रश्न पत्र का उत्तर है।
प्रश्न उत्तर खोज रहे हैं उत्तर प्रश्न खोज रहे हैं। प्रश्नपत्र होते ही पर काल खत्म स्थान खत्म परीक्षा खत्म और फिर जाँच और फिर बनती है जिंदगी जो है परीक्षा परिणाम जो है यह दुनिया।
प्रश्नपत्र का उत्तर देना ही प्रश्नपत्र है और वही उत्तर है, जहाँ हाँ और ना है, कभी हाँ कभी ना, बस और क्या जिसे गंभीर लेते हो।तुम हो सकते कर सकते पर तुम ये हो और कर नहीं साध सकते।
प्रश्नपत्र है तो उत्तर वही सब है, जो हो, कर रहे हो, कुछ भी।
क्या होना है क्या हो, क्या है, वो जो होना है जो है जो होगा, वो तो हो गया तुम होकर क्या करोगे।
संसार एक प्रश्नपत्र ही है मन एक प्रश्नपत्र ही है, जो हुआ हुआ है, बस हम सब तैयारी करके उत्तर देते हैं जिसे वो प्रश्नजाँच कर्ता एक काल में एक स्थान पर करवाता है जिसे कोई जिंदगी कोई जिम्मेदारी कोई अनुभव कहता है, बस स्वतंत्रता है नाम की रख दो तुम्हारा नहीं अगले का। बस यही और कुछ नहीं।
- ललित दाधीच


The Flower of Word by Vedvyas Mishra
The novel 'Nevla' (The Mongoose) by Vedvyas Mishra
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