आजादी इतनी कि नौकरी न छोड़ी जाए।
पुरुष जाति से अब मर्यादाएं न तोड़ी जाए।।
कहने में संकोच मगर नौकरी में आजादी।
नर नारी हैं मजबूर मजबूरी न छोड़ी जाए।।
नये ज़माने में पैसे की अहमियत बढ़ गई।
प्रतिष्ठित कहलाने की प्रतिष्ठा न छोड़ी जाए।।
देखने का नजरिया नौकरी को प्रधान माने।
गाँव छोड़ आए 'उपदेश' बस्ती न छोड़ी जाए।।
- उपदेश कुमार शाक्यावार 'उपदेश'
गाजियाबाद


The Flower of Word by Vedvyas Mishra
The novel 'Nevla' (The Mongoose) by Vedvyas Mishra
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