संगीतकार एवं गीतकार अनिल भारद्वाज वरिष्ठ हिंदी सेवी श्रेष्ठ साहित्यकार हैं आप हिंदी राष्ट्रभाषा पर आधारित विश्व के प्रथम महाकाव्य हिंदी के आंसू के रचयिता हैं।
आपने विश्व के द्वितीय हिंदी माता मंदिर की स्थापना युवा अभिभाषक मंच के माध्यम से अपने मुरैना मध्य प्रदेश में कराई।
संगीत एवं कला के क्षेत्र के अलावा अनिल भारद्वाज कुशल चित्रकार तथा बांसुरी एवं वायलिन वादक हैं तथा आपने वायलिन में संगीत प्रभाकर की उपाधि प्राप्त की है। आप फिल्म राइटर एसोसिएशन मुंबई के फेलो मेंबर हैं एवं अंतर्राष्ट्रीय अभिभाषक मंच के पूर्व राष्ट्रीय उपाध्यक्ष होकर वर्तमान में म. प्र.उच्च न्यायालय खंडपीठ ग्वालियर में वरिष्ठ अधिवक्ता हैं। आपने बी.एससी,एम.ए. एल.एल.बी एवं एम.म्यूज़. वायलिन में उपाधि प्राप्त कीं हैं।
आप महाकवि एवं मूर्धन्य साहित्यकार एवं पूर्व विधायक स्व. पं. छोटेलाल भारद्वाज जी के सुपुत्र होकर आकर्षक व्यक्तित्व के धनी मृदु भाषी व्यक्ति हैं।
20 जुलाई सन् 1955 में ग्राम पहाड़गढ़ तहसील जौरा जिला मुरैना में जन्मे अनिल भारद्वाज दस वर्ष की उम्र में ही मां सरस्वती देवी की दैवीय कृपा से बिना किसी के सिखाए ही हारमोनियम बजाना सीख गए और उसके बाद गायन एवं युवावस्था तक संगीत के अन्य वाद्य यंत्र बांसुरी, माउथ ऑर्गन, मंडोलिन,गिटार,तबला, पियानो एकार्डियन एवं वायलिन स्वयं ही बजाना सीख गए।
सन् 1978 में आंध्र प्रदेश के तूफान पीड़ितों के सहायतार्थ ग्वालियर के आर्टिस्ट कंबाइन हाल में आयोजित विराट संगीत समारोह के चैरिटी शो में देश के विख्यात संगीतकारों के साथ वायलिन वादन की प्रस्तुति दी।
आकाशवाणी ग्वालियर से आपके गीतों का प्रसारण सन् 1977 से निरंतर होता रहा है एवं आपके गीतों के ऑडियो कैसिट्स राखी का बंधन 1993, एवं प्यार का मुसाफिर 1994 में विभिन्न कैसिट कंपनीयों द्वारा जारी किए गए तथा आपके द्वारा कई निर्माणाधीन फिल्मों के लिए गीत लिखे।
साहित्य के क्षेत्र में गीतकार अनिल भारद्वाज द्वारा सन् 1971 से निरंतर साहित्य सृजन करते हुए कई साहित्यिक कृतियां साहित्य जगत को प्रदत्त की गईं जिनमें गीत संग्रह बीत गया मधुमास (पुरस्कृत कृति ) हिंदी के आंसू ( हिंदी पर आधारित विश्व का प्रथम महाकाव्य) तथा हिंदी माता चालीसा (भक्ति काव्य) आदि प्रकाशित कृतियां उल्लेखनीय हैं।
अप्रकाशित कृतियों में आज का महाभारत (व्यंग्य खंडकाव्य) हिंदी हिंदुस्तान की (खंडकाव्य), बांसुरी (खंडकाव्य), दुर्योधन (खंडकाव्य), गीतों के रंग महल (गीत संग्रह), गजल महल (गजल संग्रह), कविता एवं कहानी संग्रह आदि हैं।
चित्रकला के क्षेत्र में आप सीतायन और परशुराम महाकाव्यों एवं गीत संग्रह बीत गया मधुमास आदि के अलावा अन्य कई प्रकाशित पुस्तकों के आवरण पृष्ठों के कलाकार हैं। आपके द्वारा कई कलाकृतियां कला जगत को प्रदान की गईं।
गीतकार अनिल भारद्वाज की रचनाएँ देश भर की विभिन्न पत्र पत्रिकाओं समाचार पत्रों एवं साझा संकलनों में निरंतर प्रकाशित हो रही हैं एवं विभिन्न टी वी चैनलों एवं आकाशवाणी केंद्रों द्वारा रचनाओं का सुमधुर लय में प्रसारण एवं आपके बांसुरी वादन का प्रसारण किया जाता रहा है।
विद्यार्थी जीवन में कॉलेज के सर्वश्रेष्ठ गीतकार की उपाधि 1978 मिली, एवं सन् 1980 में छात्रसंघ के उपाध्यक्ष निर्वाचित हुए। नेहरू युवा केंद्र द्वारा युवा गीतकार सम्मान 1989, लायंस क्लब एवं जेसीज क्लब द्वारा साहित्यिक अभिनंदन 1989, राष्ट्रभाषा प्रचार समिति द्वारा राष्ट्रभाषा सम्मान 1990,अभिभाषक संघ एवं स्टेट बैंक द्वारा हिंदी सेवी सम्मान 1994,वीरवर खांडेराय हिंदी साहित्य सम्मान 1995,कमला अवधेश बाजपेई पुरस्कार 1996, युवा अभिभाषक मंच द्वारा आदर्श अधिवक्ता सम्मान 1999, सृजक संसद मुरार द्वारा सृजक सम्मान 2015,खाद्य निगम ग्वालियर द्वारा राष्ट्रभाषा सम्मान 2018, अंतर्राष्ट्रीय अभिभाषक मंच द्वारा हिंदी राष्ट्रभाषा सम्मान 2020 से सम्मानित।
गीतकार अनिल भारद्वाज को नेपाल,भारत,यू एस तथा तंजानिया के रचनाकारों में से लुंबिनी नेपाल की संस्था द्वारा प्रथम श्रेणी में चयन किया एवं महिला शक्ति काव्य रत्न की मानद उपाधि 2023 प्रदान की गई।
हनुमान जन्मोत्सव पर श्रेष्ठ रचना सृजन सम्मान 2023,अंतर्राष्ट्रीय कला एवं साहित्य सम्मान 2023, भारत माता अभिनंदन सम्मान 2023, प्रकृति प्रेमी हिंदी साहित्य सम्मान 2023,हिंदी दिवस के उपलक्ष में हिंदी सेवी सम्मान 2023,विश्व हिंदी दिवस के उपलक्ष में देश के चुनिंदा 551 हिंदी सेवियों में हिंदी सेवी सम्मान 2023,SSIF द्वारा अंतर्राष्ट्रीय कला एवं साहित्य सम्मान 2023,
काव्य कला सेवा संस्थान द्वारा सृजन श्री सम्मान सम्मान 2023, हम रंग फाउंडेशन द्वारा हिंदी सेवी सम्मान 2023, ग्राम टुडे प्रकाशन समूह द्वारा अटल स्मृति सम्मान 2023, कीर्तिमान साहित्य पत्रिका द्वारा आज के श्रेष्ठ रचनाकार सम्मान 2023,लोकप्रिय साहित्य सम्मान 2023,
भंडारी साहित्य शिरोमणि सम्मान 2023,श्रेष्ठ रचनाकार सम्मान 2024,वीर रस सम्मान 2024,गणतंत्र के प्रहरी सम्मान 2024,सृजन के सारथी 2024,देश प्रेमी सम्मान 2024,वीर रस सम्मान 2024, महात्मा बुद्ध सम्मान 2024,श्रेष्ठ रचनाकार सम्मान2024,काव्य कौस्तुभ सम्मान 2024,हनुमंत भक्त सम्मान 2024, गुरुदेव अभिव्यक्ति सम्मान 2024,
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आप अखिल भारतीय कवि सम्मेलनों के स्थापित गीतकार एवं हास्य व्यंग होकर मंच संचालक एवं कुशल कार्यक्रम संयोजक भी हैं।
वर्तमान में भी आपकी साहित्य सृजन ,संगीत साधना एवं चित्रकला निरंतर जारी है।


The Flower of Word by Vedvyas Mishra
The novel 'Nevla' (The Mongoose) by Vedvyas Mishra
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