2122 1122 1212 22
फ़ाएलातुन फ़इलातुन मुफ़ाइलुन फ़ेलुन
दर्द दिखते हैं मगर राहतें नहीं दिखती
आदमी को ख़ुदा की नेमतें नहीं दिखती
रोज़ दिखते हैं जो चेहरे ख़ुशी की सुबहों में
गम की रातों में वही सूरतें नहीं दिखती
हम तो हर वक़्त दुआ में तुम्हें ही रखते हैं
और इक तुम हो जिसे उल्फ़तें नहीं दिखती
तंज करता है बशर खामियों पे दूजों की
पर उसे ख़ुद की बुरी आदतें नहीं दिखती
सब हैं मसरूफ़ कमाने में इस क़दर दौलत
आज लोगों में ज़रा क़ुर्बतें नहीं दिखती
कामयाबी को दे देते हैं नाम क़िस्मत का
अब किसी को किसी की मेहनतें नहीं दिखती
सख्ती माँ-बाप की दिखती है 'शाद' बच्चों को
उनकी वो फ़िक्र वो मोहब्बतें नहीं दिखती


The Flower of Word by Vedvyas Mishra
The novel 'Nevla' (The Mongoose) by Vedvyas Mishra
The Flower of Word by Vedvyas Mishra







