न जाने ये कैसी तुम्हारी मोहब्बत थी हुज़ूर
पास हो कर भी थी मैं तुमसे कितनी दूर
जबकि तुम्हारी बातों में थी लगावट बहुत मगर
तुम्हारे दिए ख़लिश ने मुझको तोड़ा भरपूर

Dastan-E-Shayara By Reena Kumari Prajapat

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The Flower of Word by Vedvyas Mishra
The novel 'Nevla' (The Mongoose) by Vedvyas Mishra
न जाने ये कैसी तुम्हारी मोहब्बत थी हुज़ूर
पास हो कर भी थी मैं तुमसे कितनी दूर
जबकि तुम्हारी बातों में थी लगावट बहुत मगर
तुम्हारे दिए ख़लिश ने मुझको तोड़ा भरपूर
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