एक जिद्द का कायल हूँ हालत बताऊँ कैसे।
अन्दर से किस तरह टूटा मैं मुस्कराऊँ कैसे।।
झूठी हँसी हँसने की कोशिश चेहरा चढ़ाकर।
अपने आसपास के लोगों को समझाऊँ कैसे।।
उसी की यादों का जनाज़ा बोझ लगने लगा।
नींद आँखों की जैसे उड़ गई उसे लाऊँ कैसे।।
अपने ही दिल को अब समझाना भारी लगता।
दर्द सीने में उभरता बिना दवा के दबाऊँ कैसे।।
क़ुसूर किसी का भी रहा अपना माना 'उपदेश'।
मोहब्बत पर इल्ज़ाम लगाऊँ तो लगाऊँ कैसे।।
- उपदेश कुमार शाक्यावार 'उपदेश'
गाजियाबाद


The Flower of Word by Vedvyas Mishra
The novel 'Nevla' (The Mongoose) by Vedvyas Mishra
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