भ्रष्टाचारी - डॉ एच सी विपिन कुमार जैन "विख्यात "
तू लाख जतन करले,
बच नहीं पाएगा।
भ्रष्टाचारी है तू,
जेल ही जाएगा।
प्रकृति का खेल,
तू समझ नहीं पाएगा।
जो बोया पेड़ बबूल का,
आम कहां से खाएगा।

Dastan-E-Shayara By Reena Kumari Prajapat

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The Flower of Word by Vedvyas Mishra
The novel 'Nevla' (The Mongoose) by Vedvyas Mishra
भ्रष्टाचारी - डॉ एच सी विपिन कुमार जैन "विख्यात "
तू लाख जतन करले,
बच नहीं पाएगा।
भ्रष्टाचारी है तू,
जेल ही जाएगा।
प्रकृति का खेल,
तू समझ नहीं पाएगा।
जो बोया पेड़ बबूल का,
आम कहां से खाएगा।
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