मिलना छोङ दिया
जब से तुमने मेरे, दिल को छूना छोड़ दिया
मेरे लफ्जों ने भी खूबसूरत होना छोङ दिया
सबब इस उदासी का, किसी शायर से पूछो
वो कहेगा किसी ने प्यार, करना छोङ दिया
इसका उत्तर भी देगा, बङे प्यार से वो तुमको
हो जाएगा प्यार गर रिश्ता उससे जोङ लिया
जिस, चांद से करते थे, रोज प्यार की बातें
चांद ने शरमा कर ये कैसा घूंघट ओढ़ लिया
अब, किसे बताएं हम, अपने दिल की बातें
उसके लिए हमने नाता दुनियां से तोङ लिया
ये हवाएं ये मौसम और, ये जुदाई की रातें
रास न आए तो गलियों में जाना छोङ दिया
ले जाएगा मुझे अब ये, इश्क कहां ना जाने
मजबूरी में तन्हाई का मैंने साया ओढ़ लिया
जिन्दा हो कर भी, जिन्दा हैं कहां हम यादव
इश्क में जब उस ने हम से नाता तोङ लिया
सर्वाधिकार अधीन है


The Flower of Word by Vedvyas Mishra
The novel 'Nevla' (The Mongoose) by Vedvyas Mishra
The Flower of Word by Vedvyas Mishra







