तुझे औरों सा बनने की क्या जरूरत
तूँ अपने आप पर इतराया कर
मेरी आँखों से अपनी खूबसूरती देख
मेरी हर बात पर मुस्कुराया कर
खुद को इतना ना समझा गरीबी में
जो करना है कर जाया कर
तूने खुद को बहुत मेहनत से तराशा
खुशी से इंसान आजमाया कर
प्यार में फूल लाकर कोई नही देगा
मेरी खुशबू से काम चलाया कर
घूमने-घामने का जब भी मन करे
अपनी यादो के साथ घूम आया कर
अब जो होगा देखा जाएगा 'उपदेश'
तूँ खुद को चाँद बताया कर
एक ही जिन्दगी है वक्त भी कम है
तजवीज से घर चलाया कर
- उपदेश कुमार शाक्यावार 'उपदेश'
गाजियाबाद


The Flower of Word by Vedvyas Mishra
The novel 'Nevla' (The Mongoose) by Vedvyas Mishra
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