मलबों के ढेर में दबी
तड़पती सांसें,
पूछ रहीं हैं,
बारूद बनाने वालों से,कि
हमने तुम्हारा, क्या बिगाड़ा है!!
शरीर के
फटे, चिथड़े, बिखरे अंगो से
निकलती मौन चीख
हर बार, बार बार
यही पूछ रहे हैं, कि
समृद्ध, शक्तिशाली राष्ट्र
होने का, यही प्रमाण है!
मासूम बच्चे, माताएं,
मजदूर, किसान, जिन्हें
युद्ध का अर्थ ही नहीं पता,
इनके घरों में,होते
अचानक धमाके,
भूत, भविष्य, वर्तमान
सब कुछ खतम,
क्या यही है,एक
कुशल, ताकतवर, कूटनीतिज्ञ
शाषक की क्षमता का दर्पण?
विराट युद्ध -पोत,बम वर्षक,
लड़ाकू विमान,
जल- थल- नभ अस्त्र यान
पूजनीय तभी हैं,जब तक
आत्मरक्षा,धर्म -रक्षा करते हैं,
अन्यथा, उपयोग की वस्तुएं हैं।
युद्ध की विभीषिका का
दंश सारी दुनिया को
देने वाले राजा का
क्या कोई रिश्तेदार नहीं होता??
सर्वाधिकार अधीन है


The Flower of Word by Vedvyas Mishra
The novel 'Nevla' (The Mongoose) by Vedvyas Mishra
The Flower of Word by Vedvyas Mishra







