मैं क्यों न इन हवाओं में उड़ चलूँ
तेरे शहर की गलियों से होकर निकलूँ
मैं क्यों न इस बारिश में भीगता चलूं
तेरे साथ भीगूं तेरे साथ ही चलूं
मैं क्यों न तुम्हारे साथ झील पर चलूँ
तेरा हाथ थामे लहरों को देखता चलूं
मैं क्यों न तुमसे प्यार कर लूं
तेरी हर बात पे थोड़ा और मर लूं
मैं क्यों न तुमसे शादी कर लूं
तेरे साथ अपनी दुनिया पूरी कर लूं
मैं क्यों न तेरे बच्चों का बाप बनूँ
उनके बचपन में अपना बचपन ढूंढ लूं
मैं क्यों न तेरे संग बूढ़ा हो जाऊं
तेरे सफेद बालों पर काला रंग भर दूं
मैं क्यों न तेरे साथ पूरी उम्र गुजार दूं
जो भी बचा है मेरा वो सब तुझ पर वार दूं
.......सौरव(100₹v)❤️🖤✍️


The Flower of Word by Vedvyas Mishra
The novel 'Nevla' (The Mongoose) by Vedvyas Mishra
The Flower of Word by Vedvyas Mishra







