न कोई जाम हो तुम न कोई प्याला हो तुम
महफिल की रौनक हुस्न का उजाला हो तुम
अरे जिसे देखकर ये सौरव लिखता है ग़ज़ल
वो मधुशाला नहीं कुसुम बाला हो तुम
.....100₹v(सौरव) ❤️🖤✍️

Dastan-E-Shayara By Reena Kumari Prajapat

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The Flower of Word by Vedvyas Mishra
The novel 'Nevla' (The Mongoose) by Vedvyas Mishra
न कोई जाम हो तुम न कोई प्याला हो तुम
महफिल की रौनक हुस्न का उजाला हो तुम
अरे जिसे देखकर ये सौरव लिखता है ग़ज़ल
वो मधुशाला नहीं कुसुम बाला हो तुम
.....100₹v(सौरव) ❤️🖤✍️
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