चाचा ने चुराये धन से ,
खरीद ली पच्चीस लाख की लग्जरी कार।
संस्था में कहता नो प्रॉफिट नो लॉस ।
कर रहा, भ्रष्टाचार की हर हद क्रॉस।
बच्चों की फीस हड़प कर,
डलवा रहा गाड़ी में तेल।
सरकारी अनुदान करोड़ो का,
बना रहा है खेल ।
सभी भ्रष्टाचारियों को ,
जोड़-तोड़कर बना ली है रेल।
बंद कमरों में चल रहा,
खातों में हेरा फेरी का मेल।
कहत घसीटाराम घसीटा,
रगड़ूंगा काली बट्टी से आएंगे जेल।
काले कारनामे है,
नहीं हो पाएगी बेल।
प्रकृति का नियम है,
जो बोएगा सो काटेगा।
बबूल के पेड़ पर,
आम कहां से पावेगा।


The Flower of Word by Vedvyas Mishra
The novel 'Nevla' (The Mongoose) by Vedvyas Mishra
The Flower of Word by Vedvyas Mishra







