करते करते सफर हम जमीं , हो जायेंगे
रास्तों पर निशां पैरों के कहीं , खो जायेंगे
ये शोरगुल एक दिन , हो जायेगा खामोश
थक के जिंदगी से फिर वहीं , सो जायेंगे
साक्षी लोधी

Dastan-E-Shayara By Reena Kumari Prajapat

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The Flower of Word by Vedvyas Mishra
The novel 'Nevla' (The Mongoose) by Vedvyas Mishra
करते करते सफर हम जमीं , हो जायेंगे
रास्तों पर निशां पैरों के कहीं , खो जायेंगे
ये शोरगुल एक दिन , हो जायेगा खामोश
थक के जिंदगी से फिर वहीं , सो जायेंगे
साक्षी लोधी
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