कोई बहाना कर ले
हम से मिलने के लिए कोई बहाना कर ले
जिन्दगी भर के लिए कोई ठिकाना कर ले
हम, तो बैठे हैं तुम्हारे, ख्वाबों के शहर में
तू, पहली गाङी से खुद को, रवाना कर ले
बिछाए, बैठे हैं हम आंखें, तुम्हारी राहों में
तू साथ रहने के लिए कोई फसाना कर ले
यह, दिन गुजरते नहीं आजकल, बिन तेरे
तू किसी और से मिलने का बहाना कर ले
और इम्तिहान न ले तू, अब मेरे दिल का
अब नजदीक कहीं अपना, ठिकाना कर ले
अगर, चाहते हो रखना, संग अपने यादव
तू संग रहने के लिए, कोई बहाना कर ले
सर्वाधिकार अधीन है


The Flower of Word by Vedvyas Mishra
The novel 'Nevla' (The Mongoose) by Vedvyas Mishra
The Flower of Word by Vedvyas Mishra







