Dastan-E-Shayara By Reena Kumari Prajapat

Dastan-E-Shayara By Reena Kumari Prajapat


Show your love with any amount — Keep Likhantu.com free, ad-free, and community-driven.

Show your love with any amount — Keep Likhantu.com free, ad-free, and community-driven.



The Flower of WordThe Flower of Word by Vedvyas Mishra
The Flower of WordThe novel 'Nevla' (The Mongoose) by Vedvyas Mishra
The Flower of Word by Vedvyas MishraThe Flower of Word by Vedvyas Mishra
Dastan-E-Shayara By Reena Kumari Prajapat

Dastan-E-Shayara By Reena Kumari Prajapat

The novel 'Nevla' (The Mongoose), written by Vedvyas Mishra, presents a fierce character—Mangus Mama (Uncle Mongoose)—to highlight that the root cause of crime lies in the lack of willpower to properly uphold moral, judicial, and political systems...The novel 'Nevla' (The Mongoose) by Vedvyas Mishra

कविता की खुँटी

                    

किसी कवि की कविता हो तुम

किसी शायर का हाल - ए - दिल हो तुम,
किसी शायर की कलम की स्याही हो तुम।
और क्या कहूं तुम्हारे लिए ?
किसी शायर की बेमिसाल शायरी हो तुम।।

किसी कवि का जज़्बात हो तुम,
किसी कवि की ज़िंदगी हो तुम।
और क्या कहूं तुम्हारे लिए ?
किसी कवि की मशहूर कविता हो तुम।।

किसी शायर का दर्द हो तुम,
किसी शायर का मर्ज़ हो तुम।
और क्या कहूं तुम्हारे लिए ?
किसी शायर की कलम से निकला
हर हर्फ़ हो तुम।।

किसी कवि पर उतरी आमद हो तुम,
किसी कवि का क़वायद हो तुम।
और क्या कहूं तुम्हारे लिए ?
किसी कवि पर बरसी ख़ुदा की इनायत हो तुम।।

किसी शायर का ख़्वाब हो तुम,
किसी शायर का बदला हुआ मिज़ाज हो तुम।
और क्या कहूं तुम्हारे लिए ?
किसी शायर का शायराना अंदाज़ हो तुम।।

किसी कवि का रूबाब हो तुम,
किसी कवि का ख़िताब हो तुम।
और क्या कहूं तुम्हारे लिए ?
उसे चमकाने वाला मेहताब हो तुम।।

✍️ रीना कुमारी प्रजापत ✍️


यह रचना, रचनाकार के
सर्वाधिकार अधीन है


समीक्षा छोड़ने के लिए कृपया पहले रजिस्टर या लॉगिन करें

रचना के बारे में पाठकों की समीक्षाएं (7)

+

अशोक कुमार पचौरी 'आर्द्र' said

Suprabhat Mam, bahut sundar likha Mam, किसी कवि का रूबाब हो तुम, किसी कवि का ख़िताब हो तुम। और क्या कहूं तुम्हारे लिए ? उसे चमकाने वाला मेहताब हो तुम।। 👏👌👏👌👏👌🙏🙏

रीना कुमारी प्रजापत 'मनस्वी' replied

Thanku so much 🙏

Sanjay Srivastva said

वाह, अति सुंदर रीना जी 👌

रीना कुमारी प्रजापत 'मनस्वी' replied

Thanks ji

श्रेयसी said

Khubsurat rachnaa 👌👌🙏🙏

रीना कुमारी प्रजापत 'मनस्वी' replied

🙏🙏😊😊

Lekhram Yadav said

सुप्रभात सहित नमस्कार मेरी प्यारी बहना, मगर हमारी नजरों में लिखने में लाजवाब हो तुम

रीना कुमारी प्रजापत 'मनस्वी' replied

इतनी सुंदर प्रतिक्रिया के लिए दिल की गहराइयों से आपका बहुत बहुत धन्यवाद!🙏🙏

वन्दना सूद said

बहुत खूब 👏👏👌👌very nice

रीना कुमारी प्रजापत 'मनस्वी' replied

Thanks

कमलकांत घिरी said

वाह रीना दीदी वाह क्या गीत पेश कीं हैं, मजा आ गया पढ़कर, अति सुंदर 👌👌👏👏🙏🙏💐प्रणाम🙏

रीना कुमारी प्रजापत 'मनस्वी' replied

मेरी रचना पढ़कर आपको मज़ा आया ये जानकर मुझे भी मज़ा आ गया🙏🙏very very thanks bhai

तुलसी पटेल said

सच में हर पंक्तियां काबिल ए तारीफ है मैडम जी 👌🏻😊

रीना कुमारी प्रजापत 'मनस्वी' replied

शुक्रिया तुलसी जी

कविताएं - शायरी - ग़ज़ल श्रेणी में अन्य रचनाऐं




लिखन्तु डॉट कॉम देगा आपको और आपकी रचनाओं को एक नया मुकाम - आप कविता, ग़ज़ल, शायरी, श्लोक, संस्कृत गीत, वास्तविक कहानियां, काल्पनिक कहानियां, कॉमिक्स, हाइकू कविता इत्यादि को हिंदी, संस्कृत, बांग्ला, उर्दू, इंग्लिश, सिंधी या अन्य किसी भाषा में भी likhantuofficial@gmail.com पर भेज सकते हैं।


लिखते रहिये, पढ़ते रहिये - लिखन्तु डॉट कॉम


LIKHANTU DOT COM © 2017 - 2026 लिखन्तु डॉट कॉम
Designed, Developed, Maintained & Powered By HTTPS://LETSWRITE.IN
Verified by:
Verified by Scam Adviser
   
Support Our Investors ABOUT US Feedback & Business रचना भेजें रजिस्टर लॉगिन