जिंदगी में कुछ यूं भी गम मिले हैं।
वक्त तो बीता पर कभी ये न कम पड़े हैं।।
ख्वाहिशों की ज़िंदगी है क्या करें।
सफर में तो रहे पर न सफरे हम मिले हैं।।
✍️✍️ ताज मोहम्मद ✍️✍️

Dastan-E-Shayara By Reena Kumari Prajapat

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जिंदगी में कुछ यूं भी गम मिले हैं।
वक्त तो बीता पर कभी ये न कम पड़े हैं।।
ख्वाहिशों की ज़िंदगी है क्या करें।
सफर में तो रहे पर न सफरे हम मिले हैं।।
✍️✍️ ताज मोहम्मद ✍️✍️
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