वक्त वक्त की नजाकत मोहब्बत में ताकत।
पसन्द उसको क्या क्यों करती मेरी हिमायत।।
अपनी लट को पकड़ कर कान पर चढ़ा कर।
नजरें टकरा जाने पर नजरें दबाने की आदत।।
अन्दाज बदलकर पलटकर चलना 'उपदेश'।
अच्छा लगता मुस्कुराना होता दिल आहत।।

Dastan-E-Shayara By Reena Kumari Prajapat

Show your love with any amount — Keep Likhantu.com free, ad-free, and community-driven.
The Flower of Word by Vedvyas Mishra
The novel 'Nevla' (The Mongoose) by Vedvyas Mishra
वक्त वक्त की नजाकत मोहब्बत में ताकत।
पसन्द उसको क्या क्यों करती मेरी हिमायत।।
अपनी लट को पकड़ कर कान पर चढ़ा कर।
नजरें टकरा जाने पर नजरें दबाने की आदत।।
अन्दाज बदलकर पलटकर चलना 'उपदेश'।
अच्छा लगता मुस्कुराना होता दिल आहत।।
© 2017 - 2026 लिखन्तु डॉट कॉम