तेरे छोटे-छोटे कदमों की आहट,
आज भी मेरी सबसे खूबसूरत यादों का हिस्सा है।
तेरे बचपन की मासूम अठखेलियाँ,
आज भी मेरे चेहरे की मुस्कान की वजह हैं।
वक्त के गुज़रते दौर में,
तेरी उम्र बढ़ती चली गई,
और मेरी उम्र जैसे बीत-सी गई।
पर..
मेरी उँगली पकड़कर तेरा चलना,
तोतली बोली में तेरा बात करना,
मेरी नाराज़गी पर तेरा गुस्सा दिखाना,
घर की दीवारों पर तेरा चित्रकारी करना,
ये सब आज भी मेरे जीने की बेहद खूबसूरत वजह हैं।
तेरे उन कदमों की आहट,
अब मेरे अकेलेपन की एक सच्ची साथी बन गई है।
वन्दना सूद
यह रचना, रचनाकार के
सर्वाधिकार अधीन है
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The Flower of Word by Vedvyas Mishra
The novel 'Nevla' (The Mongoose) by Vedvyas Mishra
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