खामोश रहने वाला शख्स खिलने लगता।
दिन के होते ही जब इंसान लिखने लगता।।
दुख दर्द भूलकर अपने साये से पूछते ही।
लाइन दर लाइन दिले हाल लिखने लगता।।
जरा सी याद करके ज़ज्बात उभरने लगते।
उस सुनहरे वक्त की बरसात लिखने लगता।।
इश्क में नुकसान नही मुलाकात की चाहत।
रूबरू होने की दास्तान को लिखने लगता।।
वक्त रुकता नही हम ठहरे अपने ख्वाबों में।
क्या नही करते घटनाओ को लिखने लगता।।
दिल में रहता 'उपदेश' बहुत दूर नही जाता।
बावरा मन उसको बेईमान लिखने लगता।।
- उपदेश कुमार शाक्यावार 'उपदेश'
गाजियाबाद


The Flower of Word by Vedvyas Mishra
The novel 'Nevla' (The Mongoose) by Vedvyas Mishra
The Flower of Word by Vedvyas Mishra







