कविता : तसल्ली....
मौत, कोई कहता ऐसी होगी
कोई कहता वैसी होगी
इसी तरह मैं भी सोचता
रहता वो मौत कैसी होगी ?
काश मौत हम सभी
को नजर आता तो
वो आखिर है कैसा पता
सबको चल जाता तो
सारा अनाप शनाप
कोई भी नहीं कहता
थोड़ी बहुत हम सभी
को तसल्ली तो रहता
थोड़ी बहुत हम सभी
को तसल्ली तो रहता.......
netra prasad gautam


The Flower of Word by Vedvyas Mishra
The novel 'Nevla' (The Mongoose) by Vedvyas Mishra
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