देह से पहले हर एक स्त्री
मन का स्पर्श पसन्द करती।
खुशनसीब होगा निर्मल तन
जिसको स्त्री पसन्द करती।
स्त्री के मन को छूना
रेगिस्तान में पानी ढूँढने जैसा।
चरमसुख बाद की बात
मरीचिका बेहद पसन्द करती।
दबा लेती अपनी सम्वेदना
कुछ वक्त अन्तर द्वंद करती।
वक्त आने पर 'उपदेश'
सहज होकर संबाद करती।
- उपदेश कुमार शाक्यावार 'उपदेश'
गाजियाबाद


The Flower of Word by Vedvyas Mishra
The novel 'Nevla' (The Mongoose) by Vedvyas Mishra
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