कविता : अनेक धर्म....
इस धरती पर कई तरह के
जानवर हैं ये सही है
उन का न धर्म न मजहब
कुछ भी तो नहीं है
मगर इस धरती पर इंसान
एक ही जैसा है
फिर क्यों इंसान के कई धर्म
हुए क्यों ऐसा है ?
फिर क्यों इंसान के कई धर्म
हुए क्यों ऐसा है.......?
netra prasad gautam


The Flower of Word by Vedvyas Mishra
The novel 'Nevla' (The Mongoose) by Vedvyas Mishra
The Flower of Word by Vedvyas Mishra







