नहीं मिले तो ना मिले,
यह जग सबका है,
आज किसी की खुशी,
कल किसी की खुशी,
आज किसी का ग़म,
कल किसी का ग़म,
सबकी तरफ ये जग लौट के आएगा,
सबको अपना अपना एहसास हो जाएगा,
ना कभी पूर्ण होता है,
ना कभी अधूरा,
सभी लोगों के कर्मों को,
एक साथ मिलाकर,
एक एक के कर्म का एहसास सभी को करवाया जाता है,
और यही परिणाम है,
और यही दिशा इंसान है।।
- ललित दाधीच


The Flower of Word by Vedvyas Mishra
The novel 'Nevla' (The Mongoose) by Vedvyas Mishra
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