संसार की सबसे बड़ी त्रासदी अकेलापन नहीं,
उदासीनता है।
अकेलापन तो फिर भी महसूस होता है, उदासीनता तो महसूस होना ही बंद करा देती है। वो एक काला कोहरा है जो दिखता ही नहीं, इसीलिए सबसे खतरनाक है।
कर्म क्यों करना चाहिए? गीता में कृष्ण ने अर्जुन को कर्म करने को इसलिए कहा, क्योंकि खाली बैठा हुआ मन उदासीनता में डूब जाएगा। प्रश्न करना, कार्य करना, यही उस मोटी परत को चीरता है।
ध्यान की अंतिम परत पर,
ललाट के अंतिम शून्य पर,
सबसे पहले उदासीनता ही मिलती है।
जो उसे पार कर गया,
उसे ही ईश्वर मिला।


The Flower of Word by Vedvyas Mishra
The novel 'Nevla' (The Mongoose) by Vedvyas Mishra
The Flower of Word by Vedvyas Mishra







