दिया है जन्म उन्होनें कोई पाप नहीं किया है।
हैं ये मां बाप तुम्हारे इनकी आदर होनी चाहिए ....
ये करके तुमने कोई एहसान नहीं किया है।
वो मां जो नौ महीने दर्द झेली
वो सबकुछ सहा सुना किसके लिए
अपनी सारी खुशियां तन मन धन
सबकुछ न्यौछावर किया किसके लिए
तुम्हारे लिए ।
अपनी जवानी के हसीन पलों को तुम्हारे लिए खोया फिरभी कोई शिकवा कोई गिला नहीं और बदले में..
तुमने क्या दिया बात बात पे जवाब।
तुम गलत थे यही कराया पल पल एहसास।
तुम कभी नहीं थे हम जैसे ख़ास ।
तुमने क्या किया कुछ नहीं।
कोई सेविंग नहीं।
कोई गाड़ी बंगला मोटर नहीं।
जिंदगी भर रेंट पर रहे।
तुमने अब तक क्या किया।
घर पर बैठे रहते हो ।
मुफ़्त के खाते रहते हो ।
और ना जाने क्या क्या नहीं कहते हैं ।
और पड़ोसियों से अपने मां बाप की शिकायत करते हैं।
पर मत भूलो तुम्हारा भी वही हाल होगा।
आज़ जिस बच्चे को बड़े लाड प्यार से
पाल रहे हो न..
बदले में तुम भी यही सबकुछ पाओगे।
फिर बड़ा पछताओगे...
फिर बड़ा पछताओगे.....
सो संभल जाओ
मां बाप का सम्मान करो
घर को नर्क नहीं स्वर्ग बनाओ।
जीवन का हर आनंद उठाओ..
जीवन के हरेक पलों में मां बाप को शामिल
करो।
देखना तुम्हें कितनी खुशी मिलेगी
जिंदगी खुशियों से भर जायेंगी।
मां बाप की सेवा में जो मेवा है ना यारों
उसका कोई जवाब नहीं, बदले में..
सिर्फ़ तरक्की विकास खुशी मिलती है।
मां बाप की सेवा से बरक्कत होती है।
वो बड़े खुशनसीब हैं यारों जिनके पास
मां बाप हैं भाई बहन पूरे परिवार का साथ है।
सबका सम्मान सबका विकास और सबके साथ का एहसास है ।
वो परिवार बड़ा हीं ख़ास है जिसमे मां बाप का साथ है..
जिसमें मां बाप का साथ है...


The Flower of Word by Vedvyas Mishra
The novel 'Nevla' (The Mongoose) by Vedvyas Mishra
The Flower of Word by Vedvyas Mishra







