जब हम ना रहे इस दुनियां में
और हो अगर तेरा मन, पढ़ने का हमे,
मेरी डायरी को पढ़ लेना ऐ दोस्त
हम वहीं मिलेंगे तुझे.........
मेरी डायरी मेरी सच्ची दोस्त है
मेरी हर बात सुनती है,
तुझे वो भी मिलेगा मेरी डायरी में
जो मैंने कहा पर तूने सुना नहीं, तुझे वो भी मिलेगा मेरी डायरी में
जो मैंने तुझे कभी कहा ही नहीं।
अभी हम ज़िंदा है
तो तुम ज़रूरत नहीं समझते मेरे गमों को जानने की, जब छोड़ जायेंगे ये दुनियां
पूछते- पूछते थक जाओगे पर हम बोलेंगे नहीं।
जब हम ना रहे इस दुनियां में
और हो अगर तेरा मन पढ़ने का हमे,
मेरी ग़ज़लों,मेरी नज़्मों को पढ़ लेना ऐ दोस्त
हम वहीं मिलेंगे तुझे..........
मेरी ग़ज़लों,मेरी नज़्मों में मेरे दिल का हाल छुपा है,
लिखी है ये ग़ज़लें,ये नज़्में मैंने तेरे लिए
पर उसमें नहीं नाम तेरा लिखा है।
अगर देखना है अपना नाम मेरी नज़्मों में
अगर देखनी है अपनी जगह मेरे दिल में,
तो मेरी डायरी की ओर जाना ऐ दोस्त
तेरा नाम वहीं मिलेगा तुझे।
जब हम ना रहे इस दुनियां में
और हो अगर तेरा मन पढ़ने का हमे,
मेरी डायरी को पढ़ लेना ऐ दोस्त
हम वहीं मिलेंगे तुझे.......
💐 रीना कुमारी प्रजापत 💐
सर्वाधिकार अधीन है


The Flower of Word by Vedvyas Mishra
The novel 'Nevla' (The Mongoose) by Vedvyas Mishra
The Flower of Word by Vedvyas Mishra







