अपनी गंदगी सब पर उछालने वाले,
ज़रा सुन ऐ शराफत की गलतफहमी पालने वाले,
हम चाहें अगर तो तुम्हें कर दें बेपर्दा यूं सरेआम...
मगर हम नहीं किसी कीचड़ पे पत्थर डालने वाले।।
----कमलकांत घिरी

Dastan-E-Shayara By Reena Kumari Prajapat

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The Flower of Word by Vedvyas Mishra
The novel 'Nevla' (The Mongoose) by Vedvyas Mishra
अपनी गंदगी सब पर उछालने वाले,
ज़रा सुन ऐ शराफत की गलतफहमी पालने वाले,
हम चाहें अगर तो तुम्हें कर दें बेपर्दा यूं सरेआम...
मगर हम नहीं किसी कीचड़ पे पत्थर डालने वाले।।
----कमलकांत घिरी
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